कैसे बने इज़हार अली से एस कुमार
भागलपुर जिले में कई कलाकार हैं लेकिन उनमें अगर किसी ने अपने नाम को ब्रांड बनाया है तो वो एस कुमार है। एस कुमार का जन्म भागलपुर जिले के जब्बारचक मोहल्ले में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। एस कुमार की माता एक निजी अस्पताल में नर्स का कार्य करती थी।
बचपन से ही गाने के शौकीन एस कुमार जब बड़े हुए तो उन्हे कई लोगों ने मंच दिया।
आरंभिक मंचों पर एस कुमार ने शब्बीर कुमार,मोहम्मद अज़ीज़ इत्यादि के गीतों को गाकर अपनी पहचान बनाई।
फिर कुछ दिनों तक उन्हें गोपालगंज में रहना पड़ा। बचपन में लोग उन्हे सच्चू नाम से जानते थे।
गोपलगंज, जिसे कलाकारों के लिए बिहार में मिनी दुबई के नाम से भी जाना जाता है, यहां रहते हुए एस कुमार ने काफ़ी कुछ सीखा। गोपालगंज ने भागलपुर शहर के कई और कलाकार भी थे लेकिन उनमें ख्याति एस कुमार ने हासिल किया।
फिर एस कुमार वापस लौट आए अपने शहर और भागलपुर में फिर से स्ट्रगल करने लगे। विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि एक बार भागलपुर में संगीतकार रविंद्र जैन आए थे, उन्होंने किसी कार्यक्रम के दौरान एस कुमार को गाते हुए देखा तो उन्होंने मंच पर एस कुमार को सम्मानित किया। और ये भी कहा कि इस गायक की आवाज़ बॉलीवुड गायक शब्बीर कुमार से मिलती है,लिहाजा इस गायक को लोग जूनियर शब्बीर कुमार नाम से जानेंगे।।
कालांतर में लोग सच्चु को एस कुमार नाम से जानने लगे।
कुछ दिन बाद इस एस कुमार मायानगरी मुंबई चले गए और वहां वो फिल्मों में गायन के लिए स्टूडियो के चक्कर काट काट कर परेशान हो गए, इत्तेफाक से उन्हें मशहूर कैसेट कम्पनी के मालिक गुलशन कुमार से मुलाकात हुई और गुलशन कुमार ने उन्हें डबिंग आर्टिस्ट का रोल दिया अपने कुछ एलबम में। पहले गाने डबिंग आर्टिस्ट गा कर रिकॉर्ड करते थे और बाद में उसे सुन कर गायक अपनी आवाज देते थे, धीरे धीरे एस कुमार ने बहुत कुछ सीख लिया। फिर एस कुमार की माता का निधन हो जाता है और फिर एस कुमार वापस लौट आए।
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