अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस का हुआ आयोजन
विषय: विश्व मातृ भाषा दिवस पर अरहम ट्रस्ट कि ओर से उर्दू पढ़ो उर्दू बचाओ रैली और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ
अरहम ट्रस्ट कि ओर से विश्व मातृ दिवस पर आज मंगलवार 21 फरवरी 2023 को सुबह 11 बजे उर्दू भाषा कि तरक्की और उर्दू ज़ुबान को आम लोगों तक पहुँचाने के रॉयल पब्लिक स्कूल कबीरपुर भागलपुर बिहार में उर्दू पढ़ाओ,उर्दू बढ़ाओ,उर्दू बचाओ जागरूकता रैली निकाली गई, रैली में बच्चों के हाथों में हैंड बिल थे, जिस में उर्दू सीखो, उर्दू पढ़ें , उर्दू बोलें, उर्दू लिखें, उर्दू सिखाएं के नारे लगाते चल रहे थे,उर्दू पढ़ें जागरूकता रैली अलग अलग क्षेत्र में घूमने के बाद स्कूल में आकर समाप्त हुई,रैली के बाद स्कूल में उर्दू भाषा कि तरक्की के साथ उर्दू भाषा को घर घर तक पहुंचाना और उर्दू के इतिहास पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया,जिस में टोटल 10 बच्चियों ने कॉम्पीटिशन में भाग लिया, जिस में तीन को बच्चियों को ईनाम के लिए सेलेक्ट किया गया, अरहम ट्रस्ट के चेयरमैन रिज़वान खान ने कहा कि विश्व भर में 21 फरवरी को "अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस" मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य अपनी भाषा के प्रति लोगों में रुझान पैदा करना और जागरुकता फैलाना है. उर्दू भाषा भारतीय जुबान है, यह भारत में पैदा हुई जो आज पुरी दुनियां में अपनी उर्दू कि खुशबु को फैला रही है, उर्दू ज़ुबान कि तरक्की के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार बहुत सारे कार्यक्रम करवा रही है, हम सरकार का शुक्रिया अदा करते हैँ कि उर्दू भाषा को बचाने के लिए लगातार काम रही है, हमें सिर्फ सरकार के भरोसे उर्दू को बचाने कि ज़िम्मेदारी नहीं छोड़ने चाहिए, हमें भी कोशिश करनी चाहिए कि हम सब मिलकर अपने घरों में उर्दू पढ़ने बोलने का रिवाज शुरु करें, जो भाषा आप के जुबान पर हर वक़्त रहती है, वही ज़ुबान ज़िंदा रहती है,अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का विचार संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के सामान्य सम्मेलन ने 17 नवंबर 1999 में मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की गई जिसमें फैसला लिया गया कि 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाएगा,
रिज़वान खान ने कहा कि लोग अपनी मादरी जुबान मातृ भाषा के प्रति जागरूक नहीं रहे तो दुनिया में अगले 40 साल में चार हजार से अधिक भाषाओं के खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है. हमारा देश भारत विविध संस्कृति और भाषा का देश रहा है. 1961 की जनगणना के मुताबिक, भारत में 1652 भाषाएं बोली जाती हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फिलहाल 1365 मातृभाषाएं हैं, जिनका आधार अलग-अलग है,
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने के पीछे का मकसद है कि दुनिया भर की भाषाओं और सांस्कृतिक का सम्मान हो. इस दिन तो मनाये जाने का उद्देश्य विश्व भर में भाषायी और सांस्कृतिक विविधता का प्रचार-प्रसार करना है और दुनिया में विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति लोगों को जागरुक करना है.
उर्दू भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले तीन बच्चियों को फर्स्ट ज़ैनब को 500 रूपये,सेकंड निखहत को 300 रूपये, थर्ड दिलकश को 200 रूपये नगद ईनाम अरहम ट्रस्ट के चेयरमैन रिज़वान खान के हाथों दिया गया,
इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल शाहनवाज़ वारसी उर्फ़ सानू,आलिया,सिफत,जोया,जैनब,निखहत,नफीस,जैनब,दिलकश,सुफी उपस्थित थी
सौजन्य रिज़वान खान
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