घपलों का बादशाह अब भी आज़ाद
आजकल बिल्लियों की जगह चूजों को गिरफ्तार किया जा रहा है ताकि बिल्लियां आज़ादी से घूमती फिरें और चूजे उनके कार्यो के शिकार होते रहें। ज़रा सोचिए इनके ऊपर भी तो किसी का हाथ रहा होगा। ऐसा थोड़े न होता है कि पदासीन एक व्यक्ति घपले पे घपले करेगा और उसके आलाकमान को इल्म तक न होगा।
कुल मिला कर ये कह सकते हैं कि बिहार में भ्रष्टाचार को नया आयाम दिया गया है। मामला फूटने की स्थिति में अधिकारियों पर गाज गिरती है। सृजन घोटाले को ही ले लीजिए न। सरकार के नाक के नीचे घपला होता रहा और घपला सामने आने पर अधिकारी, कुछ लोगों को आरोपी बनाया गया, जबकि उसी सृजन वाले परिवार से हर राजनेता का घनिष्ट सम्बन्ध रहा है।
अब ज्यादा क्या लिखें, बाकी बातें फिर कभी।
बिहार में जहां देखो भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार फैला हुआ है
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