घोटाले जब हो रहे थे तो स्थायी समिति क्या कर रही थी।।।। नरक निगम में आपका स्वागत है।।।
सवाल पार्षदों से रहेगा चुनाव आया तो घोटाले याद आये।।। जब नोटो से भरे बैग लेकर उस समय घोटाले की याद न आई।।। किस मुह से जाएंगे जनता के बीच 5 साल बाद।।। और जो कर्मचारी और पार्षद इस मामले में शामिल है।।। उसकी संपत्ति जब्त होनी चाहिए और चुनाव लड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए ऐसे नेताओं को।।। सुना है कोई भी बिल पास के लिए स्थायी समिति बनती है नरक निगम में।।। तो वो समिति क्या कर रही थी।।। वो भी सहमति देकर इस घोटाले में भागीदारी निभाई है।।। मेरा तो मानना है कि 51 वार्डों के पार्षद को चुनाव लड़ने से बर्खाश्त कर देना चाहिए सरकार को।।। सुशासन सरकार ये कर पाती है या नही वही देखना है।।। या फिर जंगल राज का रोना है।।।