पूरा शहर लगभग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। लेकिन मजाल है कोई समाजसेवी आकर इसके लिए बोले क्योंकि उनके लिए तो फोर व्हीलर है, वो तो एसी का हवा खाते हुए प्रिमिटिव लोग का तगमा देते हुए निकल लेंगे। बरसात के समय जो पैदल चलते हैं परेशानी तो उनकी है। लेकिन आज एक बात जानना चाहेंगे शहर की ऐसी स्थिति के जिम्मेदार कौन हैं? ये वही लोग हैं जो किसी के आने पर गुलदस्ता लेकर आगे पीछे करेंगे। भागलपुर में रत्नों की कमी नहीं है जिसमें अंग पुत्र, युवा सम्राट, युवा हृदय सम्राट, सिल्क सम्राट, महागुरु, समाजसेवी और एनजीओ इसके अलावा न जाने कितने रत्न से सुसज्जित है हमारी स्मार्ट सिटी। लेकिन आमलोगों की समस्याओं को उठाना इनके जेहन में कभी आएगा ही नहीं।